समावेशी, बहु-विषयक और कौशल उन्मुख शिक्षा प्रणाली को समझाए

समावेशी, बहु-विषयक और कौशल उन्मुख शिक्षा प्रणाली का अर्थ एवं महत्व

1. समावेशी शिक्षा प्रणाली (Inclusive Education System)

समावेशी शिक्षा का तात्पर्य ऐसी शिक्षा प्रणाली से है जो सभी छात्रों को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्रदान करती है, चाहे वे किसी भी सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक या बौद्धिक पृष्ठभूमि से हों।

विशेषताएँ:

वंचित वर्गों को प्राथमिकता: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांगजन (PWD), लड़कियाँ और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विशेष योजनाएँ।

सुगम्य शिक्षा: भौतिक एवं डिजिटल संसाधनों को सभी के लिए सुलभ बनाना।

संवेदनशील शिक्षक प्रशिक्षण: शिक्षकों को समावेशी शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षित किया जाना।

बहुभाषी शिक्षा: स्थानीय भाषा या मातृभाषा में शिक्षा उपलब्ध कराना ताकि कोई भी बच्चा भाषा की बाधा के कारण पीछे न रहे।



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2. बहु-विषयक शिक्षा प्रणाली (Multidisciplinary Education System)

बहु-विषयक शिक्षा प्रणाली वह व्यवस्था है जिसमें छात्र केवल एक विषय तक सीमित न रहकर विभिन्न विषयों का अध्ययन कर सकते हैं, जिससे उनकी समझ व्यापक और व्यावहारिक बनती है।

विशेषताएँ:

विषय चुनने की स्वतंत्रता: विज्ञान, कला और वाणिज्य के बीच की दीवार को हटाकर छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषय चुन सकते हैं।

समग्र विकास: छात्रों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक, मानसिक, रचनात्मक और सामाजिक कौशल भी विकसित करने के अवसर मिलते हैं।

अनुशासन के बीच सामंजस्य: जैसे एक छात्र गणित और संगीत दोनों पढ़ सकता है, जिससे उसकी तार्किक और रचनात्मक क्षमताएँ दोनों विकसित होती हैं।

शोध और नवाचार पर जोर: छात्रों को प्रयोगात्मक और व्यावहारिक शिक्षा के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने की प्रेरणा दी जाती है।



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3. कौशल उन्मुख शिक्षा प्रणाली (Skill-Based Education System)

कौशल उन्मुख शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक रटने की प्रणाली से बाहर निकालकर उन्हें वास्तविक जीवन में उपयोगी व्यावसायिक एवं तकनीकी कौशल प्रदान करना है, जिससे वे रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

विशेषताएँ:

व्यावसायिक शिक्षा: कक्षा 6 से ही छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देना, जैसे—कोडिंग, बढ़ईगिरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, खेती, डिजिटल मार्केटिंग आदि।

इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप: छात्रों को उद्योगों और कंपनियों में काम करने का अनुभव देना।

नई तकनीकों का प्रशिक्षण: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), साइबर सुरक्षा, डाटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स आदि का ज्ञान देना।

संकायों में लचीलापन: छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषय और पाठ्यक्रम बदल सकते हैं।



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निष्कर्ष

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि शिक्षा समावेशी (Inclusive), बहु-विषयक (Multidisciplinary) और कौशल आधारित (Skill-Oriented) हो। इससे छात्रों को व्यापक ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे बल्कि देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान देंगे।

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