ARP (Academic Resource Person) की नियुक्ति और प्रावधान

ARP (Academic Resource Person) की नियुक्ति और प्रावधान

ARP (Academic Resource Person) की नियुक्ति समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan - SSA) के अंतर्गत की गई थी। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सशक्त किया गया है।

ARP की नियुक्ति का समय और प्रक्रिया

1. कब से नियुक्त हुए?

ARP की नियुक्ति वर्ष 2018-19 से प्रारंभ हुई थी, जब समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों को अकादमिक सहयोग देने के लिए इस पद को सृजित किया गया।

इससे पहले BRC (Block Resource Coordinator) और CRC (Cluster Resource Coordinator) जैसी व्यवस्थाएँ थीं, लेकिन ARP को विशेष रूप से शैक्षिक गुणवत्ता सुधार और शिक्षक प्रशिक्षण में सहयोग देने के लिए नियुक्त किया गया।



2. किस प्रावधान के तहत नियुक्त हुए?

ARP की नियुक्ति का प्रावधान समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के दिशानिर्देशों के तहत किया गया।

इसके लिए राज्य स्तर पर SCERT और जिला स्तर पर DIET को अधिकृत किया गया।

ARP की नियुक्ति शैक्षणिक योग्यता, शिक्षण अनुभव और विशेष चयन प्रक्रिया के आधार पर होती है।





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NEP 2020 के अंतर्गत ARP की जिम्मेदारियाँ

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत ARP की निम्नलिखित प्रमुख जिम्मेदारियाँ निर्धारित की गई हैं:

1. शिक्षक प्रशिक्षण और व्यावसायिक विकास

NISHTHA, FLN और अन्य शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन।

DIKSHA पोर्टल पर ऑनलाइन शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना और शिक्षकों को प्रशिक्षित करना।

समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की सहायता करना।


2. विद्यालयों का निरीक्षण और शिक्षकों का सहयोग

शिक्षकों की कक्षाओं का निरीक्षण करना और शिक्षण प्रक्रिया में सुधार के लिए सुझाव देना।

शिक्षकों की समस्या-समाधान में सहायता करना और शिक्षण तकनीकों में नवाचार लाना।

शिक्षकों को ICT आधारित शिक्षण (Digital Learning) और आधुनिक शिक्षण विधियों से जोड़ना।


3. शैक्षिक संसाधनों और सामग्री का विकास

बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) हेतु पाठ्य सामग्री तैयार करना।

गतिविधि-आधारित शिक्षण (Activity-Based Learning) को बढ़ावा देना।

राज्य स्तर पर नई शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम का विकास करने में सहायता करना।


4. छात्र अधिगम स्तर का मूल्यांकन और निगरानी

NAS (National Achievement Survey) और SAS (State Achievement Survey) जैसे आकलन में सहायता करना।

छात्रों की अधिगम क्षमता का विश्लेषण कर शिक्षण रणनीतियों को सुधारना।

PGI (Performance Grading Index) और अन्य शैक्षिक रिपोर्ट तैयार करना।


5. निपुण भारत मिशन और समग्र शिक्षा अभियान में सहयोग

निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को विद्यालयों में लागू करना।

कक्षा 3 तक के बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में निपुण बनाना।

ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करना।



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निष्कर्ष

ARP की नियुक्ति समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के तहत 2018-19 में हुई, और NEP 2020 के अंतर्गत इसकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई। अब ARP का कार्य सिर्फ निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने, निपुण भारत मिशन को लागू करने, और आधुनिक शिक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


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